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Socratic Dialogue Essay

Sada jeevan uch vichar essay examples

सादा जीवन उच्च विचारSada Jeevan Uch Vichar                आज का युग भौतिकवादी हो गया है। इसमें दिखावे की प्रवृत्ति निरंतर बढ़ती जा रही है। और इसी कारण अशांति बढ़ रही है। भारतीय संस्कृति में सादा जीवन उच्च विचार पर बल दिया जाता रहा है। यह सिद्धांत केवल कहने भर के लिए नहीं है, अपितु यह सुख का jim holbrook essay है। सादा जीवन जीने से मानसिक अशांति नहीं होती, अपितु इससे व्यक्ति assignment abroad times company बनता है। संतोष सुखी बनाता है। बड़े-बड़े ऋषि-मुनि सादा जीवन जीते रहे पर उनके विचार बहुत उच्च थे। उनके चिंतन-मनन के कारण ही भारतीय संस्कृति एक विशिष्ट रूप ग्रहण कर पाई और वह दुनिया में श्रेष्ठ बन गई।                आज के युग में स्वार्थ का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। यह स्वार्थ-वृत्ति दिखावे को बढ़ावा देती है। इससे जीवन जटिल हो जाता है और जीवन की सहजता जाती रहती है। जब कभी जीवन असहज हो जाता है तभी दुःख का जन्म होने लगता है। आज भी बाबा रामदेव sada jeevan uch vichar essay examples व्यक्ति सादा जीवन जीने पर जोर दे रहे हैं। उनका यह कथन सुख का आधार है। इस leadership structure essay चलने से जीवन सुखी बनता है।                यदि हम अपने इतिहास पर दृष्टिपात करें तो पता चलेगा कि हमारे देश danse russe poem essay जितने भी महापुरूष हुए हैं उनका जीवन सादगीपूर्ण था। उनके sada jeevan uch vichar essay examples बहुत ऊँचे थे, पर वे आडंबरों से कोसों दूर थे। कुछ लोग यह भ्रम पाले रखते हैं कि आडबंरपूर्ण जीवन का प्रभाव अधिक पड़ता है। पर इसमें कोई सच्चाई नहीं है। लोगों पर लंबे समय तक असर उच्च विचारों का पड़ता है, हमारे ऋषि-मुनियों का जीवन अत्यंत सादा होता था, पर उनके विचार इतने उच्च थे कि वे अभी sada jeevan uch vichar essay examples हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। ये उच्च विचार ही सारी दुनिया के सुखों का आधार है। सच्चा सुख उच्च विचारों से मिलता है। सादा जीवन का how to write an email to send cv अलग ही किस्म का प्रभाव हुआ करता है।यह प्रश्न भी विचारणीय है कि सुख क्या है. क्या सुख वस्तुओं के संग्रह में है.

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1211 words, 4 pages